स्कूल-शुरुआत का एक आसान नियम: कुल “स्कूल बजट” को 60% फीस, 25% लंच प्लान, 15% सप्लाई में बाँट दो।
यह नियम इसलिए काम करता है क्योंकि तीनों खर्च अलग तरह के हैं:
- फीस: अक्सर तय और समय-संवेदनशील (टालना मुश्किल)
- लंच प्लान: चलने वाला खर्च; छोटा दिखता है, पर जोड़कर बड़ा बनता है
- सप्लाई: एकबारगी; “छोटे-छोटे” आइटम मिलकर बजट काटते हैं
60–25–15 नियम कैसे लगाएँ (बिना दिमाग खपाए)
मान लो:
B= आपका कुल “स्कूल बजट” (आप जितना अलग रखना चाहते हैं)F= फीस हिस्सा,L= लंच हिस्सा,S= सप्लाई हिस्सा
फिर बस यह सेट करो:
F = 0.60BL = 0.25BS = 0.15B
अब पहले फीस लॉक, फिर लंच प्लान का बेस बनाओ, और आखिर में सप्लाई खरीदो। यह ऑर्डर इसलिए: फीस छूटे तो दर्द बड़ा; सप्लाई थोड़ी देर बाद भी चल जाती है।
जल्दी तय करो: B (कुल स्कूल बजट) कितना रखें?
सरल थ्रेशहोल्ड:
- अगर आपका कैश-फ्लो टाइट रहता है:
Bको 1–2 pay cycles में फैला दो। - अगर खर्च अचानक आते हैं और दिक्कत होती है:
Bको इतना रखो कि कम से कम 1 pay cycle में फीस का हिस्सा (F) कवर हो जाए।
यह “इंडिविजुअल सलाह” नहीं—बस एक सुरक्षा-फ्रेम है ताकि फीस/जरूरी चीजें समय पर कवर हों।
3 मिनी-सिनेरियो (सिर्फ वेरिएबल्स और प्रतिशत)
1) फीस भारी, लंच मध्यम
- मानो
B = 12%ofY(जहाँY= आपकी सालाना नेट आय का एक संदर्भ) - तब
F = 7.2% of Y,L = 3% of Y,S = 1.8% of Y
अगर आपको दिखे कि फीस तय है औरFकम पड़ रहा है, तो S से काटो, फिर L से—फीस से नहीं।
2) लंच घर से, स्कूल कैंटीन वैकल्पिक
- आप चाहें तो
Lको 25% से घटाकर 10–15% कर दो - बचा हुआ 10–15%
Fमें जोड़ दो (या “बफर” में)
यह तब बढ़िया है जब लंच का खर्च आपके कंट्रोल में है और फीस/अनिवार्य शुल्क ज़्यादा अहम हैं।
3) सप्लाई लिस्ट लंबी, पर कई चीजें री-यूज़ हो सकती हैं
- पहले
Sमें 50% “री-यूज़ चेक” रखो: क्या पहले से है, क्या उधार/रीफिल हो सकता है - अगर री-यूज़ से
Sघटे, तो उस बचत का कम से कम आधाLमें जोड़ो
क्यों? क्योंकि लंच का “छोटा-छोटा” खर्च अक्सर बाद में बजट तोड़ता है।
यह नियम कहाँ फेल हो सकता है
- फीस + अनिवार्य शुल्क 60% से बहुत ऊपर: कुछ स्कूलों में फीस इतना बड़ा हिस्सा लेती है कि 60% अवास्तविक हो जाता है।
- लंच प्लान नहीं है (पूरी तरह घर से): 25% रखना बेकार है।
- एक से अधिक बच्चों का एक साथ सेटअप: कुल
Bसही हो सकता है, पर बकेट-वेटेज हर बच्चे के लिए अलग चाहिए। - ट्रांसपोर्ट/यूनिफॉर्म जैसे “मिड-टाइप” खर्च: ये न पूरी तरह फीस हैं, न सप्लाई—गलत बकेट में डालोगे तो भ्रम होगा।
सुरक्षित वैरिएंट (जब अनिश्चितता ज़्यादा हो)
अगर आपको अंदाज़ा नहीं कि कितना लगेगा, यह “सेफ” नियम अपनाओ:
“फीस-पहले + 6-हफ्ते लंच + मिनिमम सप्लाई” नियम
- पहले फीस/अनिवार्य शुल्क का 100% अलग रखो (
Fलॉक) - फिर
Lको इतना रखो कि कम से कम 6 हफ्ते चल जाए (या आपके लिए जो न्यूनतम सुरक्षित विंडो हो) - सप्लाई में पहले केवल जरूरी (minimum viable supplies) खरीदो; बाकी दूसरे चरण में
यह वैरिएंट “परफेक्ट” नहीं, पर गलत जगह कटौती से बचाता है।
Pocket-Card (याद रखने वाला बॉक्स)
Rule: 60–25–15 = फीस 60%, लंच 25%, सप्लाई 15% (कुल स्कूल बजटBका)
When to use: खर्च का रफ आइडिया हो, और आप एक सरल डिफॉल्ट चाहते हों
When not to: फीस 60% से बहुत ऊपर जाए, लंच प्लान न हो, या बड़े अनिवार्य खर्च (ट्रांसपोर्ट/यूनिफॉर्म) अलग हों
How to adapt: फीस पहले लॉक; लंच घर से हो तो L को 10–15% करें; सप्लाई री-यूज़ से घटे तो बचत का कम से कम आधा L/बफर में डालें
Common mistakes (जो लोग अक्सर कर देते हैं)
- सप्लाई पहले खरीद लेना, और फिर फीस/अनिवार्य शुल्क के लिए तनाव में आना
- “लंच तो छोटा है” सोचकर
Lको बहुत कम रख देना, फिर बाद में बजट रिसना - एक ही पॉट में सब खर्च मिलाकर रखना—फिर पता नहीं चलता पैसा कहाँ जा रहा है
- सप्लाई में ब्रांड/अपग्रेड पहले कर लेना, “जरूरी” बाद में
- अनिवार्य चीजों (फीस/ज़रूरी शुल्क) को नेगोशिएबल समझ लेना
आखिरी बात (शैक्षिक उद्देश्य)
यह पोस्ट केवल शिक्षा के लिए है—यह व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं है। लक्ष्य बस इतना है: एक डिफॉल्ट नियम पकड़ो, पहले फीस सुरक्षित करो, लंच को कम मत आँको, और सप्लाई में “जरूरी पहले” रखो।

