Pick your model
हमने पैसे और समय के लिए एक ही “टेस्ट” बनाया है—ताकि फैसला भावनाओं पर नहीं, नतीजों पर टिके। नीचे तीन मॉडल हैं; आप जिस स्थिति में हों, वही चुनें:
- DIY‑फर्स्ट मॉडल: जिनके पास समय/ऊर्जा है, सीखना पसंद है, और “ठीक‑ठाक” रिज़ल्ट भी स्वीकार है।
- प्रो‑फर्स्ट मॉडल: जिनका समय सबसे महंगा है, गलती की कीमत ज्यादा है, या क्वालिटी/सेफ्टी क्रिटिकल है।
- हाइब्रिड मॉडल: जिनमें कुछ हिस्से आप कर सकते हैं, पर रिस्की/टेक्निकल हिस्से प्रो को देना बेहतर है।
अब असली काम: एक बैठकर नियम तय करें, और तभी बदलें जब काम/आय/समय या जिम्मेदारियाँ बदलें—वरना रोज़‑रोज़ री‑नेगोशिएशन नहीं।
Cost‑Time Budget Test: 10 मिनट का फैसला
किसी भी काम (घर की मरम्मत, टैक्स फाइलिंग, डिजाइन, क्लीनिंग, पेंटिंग, कंटेंट, कुछ भी) पर ये चार सवाल पूछें। जवाब लिख लें—बहस नहीं, बस स्कोर।
1) Risk Score (0–3)
- 3: सेफ्टी/कानूनी/वारंटी/बड़ा नुकसान संभव
- 2: गलती ठीक हो सकती है, पर महंगी/लंबी पड़ेगी
- 1: छोटी गलती, सीखने का स्पेस
- 0: लगभग नो‑रिस्क
रूल: Risk ≥ 2 हो तो “प्रो या कम से कम प्रो‑चेक” को प्राथमिकता।
2) Time Load (0–3)
- 3: कई शामें/वीकेंड खा जाएगा
- 2: एक पूरा दिन
- 1: कुछ घंटे
- 0: बहुत छोटा काम
रूल: Time Load ≥ 2 और घर में पहले से थकान/ओवरलोड हो तो DIY तभी, जब दूसरा पार्टनर सच में कवर कर सके।
3) Skill & Tools Gap (0–3)
- 3: नए टूल/सीख/ट्रायल‑एंड‑एरर जरूरी
- 2: बेसिक आता है, पर फिनिश/डिटेल मुश्किल
- 1: पहले किया है, बस रिफ्रेश
- 0: रूटीन काम
रूल: Gap ≥ 2 हो तो “हाइब्रिड” देखें: आप तैयारी/मैटेरियल/सफाई, प्रो फाइनल/टेक्निकल।
4) Resentment Risk (0–3)
- 3: एक ही इंसान पर भार पड़ेगा, चुपचाप गुस्सा बनेगा
- 2: बराबरी अस्पष्ट है
- 1: स्पष्ट रोल हैं
- 0: दोनों को ठीक लगता है
रूल: Resentment ≥ 2 हो तो पैसे बचाने से पहले रिश्ते का बजट बचाएँ: काम बाँटें या प्रो रखें।
फैसला:
- कुल स्कोर 7–12 ⇒ प्रो‑फर्स्ट
- कुल स्कोर 4–6 ⇒ हाइब्रिड
- कुल स्कोर 0–3 ⇒ DIY‑फर्स्ट
कॉपी‑पेस्ट “हाउस रूल्स” (आपके लिए एडिट‑रेडी)
Rule A: DIY vs Pro निर्णय नियम
“हम Cost‑Time Budget Test करेंगे। Risk ≥ 2 या कुल स्कोर ≥ 7 हो तो प्रो/प्रो‑चेक। 4–6 हो तो हाइब्रिड। 0–3 हो तो DIY।”
Rule B: जॉइंट बनाम पर्सनल “ट्रीट” सीमा
“जॉइंट फंड सिर्फ essentials/घर‑रखरखाव/साझा लाभ के लिए। व्यक्तिगत शौक/परफेक्शन‑अपग्रेड/ट्रीट पर्सनल बजट से।”
Rule C: मेहनत‑क्रेडिट (निगरानी नहीं, नतीजा)
“DIY करने वाला व्यक्ति ‘समय‑क्रेडिट’ पाता है: अगला घरेलू काम/एरंड का नेतृत्व दूसरा करेगा। हम घंटे नहीं गिनते—बस जिम्मेदारी संतुलित रखते हैं।”
2–3 निष्पक्ष विकल्प: कौन‑सा स्प्लिट सही?
किसी काम को प्रो को देने/DIY करने पर पैसा‑समय दोनों लगते हैं। हम “रोल” और “रेशियो” से इसे निष्पक्ष रखते हैं:
Option 1: Net‑Income Ratio Split (साधारण और साफ)
- प्रो‑फीस/मैटेरियल्स: नेट आय के अनुपात में, जैसे 60/40
- DIY‑मेहनत: रोल‑स्वैप से बैलेंस (Rule C)
Option 2: Responsibility Split (जिसे लाभ, वह लीड)
- जिसका लाभ/उपयोग ज्यादा, वह लीड + बड़ा हिस्सा
- दूसरा सपोर्ट + छोटा हिस्सा
यह तब अच्छा है जब एक पार्टनर उस चीज़ को ज्यादा वैल्यू करता हो।
Option 3: Cap‑Based Split (रिश्ते की शांति के लिए)
- जॉइंट से योगदान टेक‑होम के एक तय % कैप तक
- कैप के ऊपर: या तो हाइब्रिड, या पर्सनल अपग्रेड
यह तब काम आता है जब “परफेक्ट” बनाम “बस हो जाए” की प्राथमिकताएँ अलग हों।
छोटे Conversation Prompts (कॉपि‑पेस्ट)
- “इस काम में सबसे बड़ा रिस्क क्या है—सेफ्टी, कानूनी, या बस झंझट?”
- “अगर ये DIY हुआ और खिंच गया, कौन‑सा काम/आराम कुर्बान होगा?”
- “हम किस रिज़ल्ट से खुश होंगे: ‘चलने लायक’, ‘सुंदर’, या ‘लास्ट‑लॉन्ग’?”
- “अगर यह काम तुम्हारे ऊपर आ गया, तुम्हें कैसा लगेगा—और मैं क्या कवर करूँ?”
जॉइंट “फंड्स” के आसान नियम (ग्रोसरी, ट्रैवल, प्रोजेक्ट)
Groceries Rule
“ग्रोसरी जॉइंट essentials हैं: बेसिक सामान जॉइंट से। ब्रांड‑अपग्रेड/स्पेशल स्नैक्स पर्सनल से।”
Travel Fund Rule
“ट्रैवल: जॉइंट फंड ‘कोर’ कवर करता है। अतिरिक्त आराम/अपग्रेड चाहने वाला पर्सनल से टॉप‑अप करता है।”
Home Project Rule
“होम प्रोजेक्ट में पहले टेस्ट स्कोर। फिर तय: DIY/हाइब्रिड/प्रो। जो भी मॉडल चुना, उसी के हिसाब से स्प्लिट और रोल तय।”
If this feels hard, start here
“Rule Zero: Risk‑संबंधित या तनाव‑बढ़ाने वाला काम प्रो को। बाकी DIY—लेकिन केवल तब, जब जिम्मेदारियाँ साफ हों: एक लीड, दूसरा सपोर्ट, और अगला घरेलू काम स्वैप।”

