स्कूल पिकअप पर जो सबसे आम सीन है: एक बच्चा अचानक पैंट को “क्रीप” की तरह ऊपर खींच रहा है, दूसरा कह रहा है “जूते टाइट हैं,” और आप दिमाग में हिसाब लगा रहे हैं—अभी तो पिछले महीने ही खरीदा था! सच यही है: बच्चों के ग्रोथ स्पर्ट्स आपके बजट को इसलिए तोड़ते हैं क्योंकि वे “अनियमित” दिखते हैं, लेकिन असल में वे काफी पैटर्न वाले होते हैं। बस हमें उन्हें सिस्टम में डालना होता है।
क्विक वर्ज़न (जब आपके पास 2 मिनट हैं)
- हर बच्चे के लिए “कपड़े+जूते” का अलग मिनी-फंड बनाइए (मंथली)
- साल में 2 बार साइज-चेक वीक तय करिए (जैसे मार्च/अप्रैल और सितंबर/अक्टूबर)
- “अभी चाहिए” और “जल्द चाहिए” की 2-लिस्ट बनाइए
- 1 नियम: एक-इन, एक-आउट (नया आए तो पुराना बेचें/डोनेट/स्टोर करें)
- जूतों पर कंजूसी नहीं: फिट और सपोर्ट पहले, ब्रांड बाद में
हाँ, इसमें 10 मिनट लगते हैं। नहीं, इससे रातोंरात जीवन नहीं बदलता। लेकिन अगले ग्रोथ स्पर्ट पर आपका कार्ड “अचानक से” नहीं जलता।
पहले मान लेते हैं: आप किस पर खर्च कर रहे हैं?
मैं यहाँ जर्मनी के किसी शहर में रहने वाले चार लोगों के परिवार को बेस मान रही हूँ (2 बच्चे)। कीमतें शहर/स्टोर/सीज़न के हिसाब से बदलेंगी, इसलिए मैं रेंज दे रही हूँ।
एक बच्चे के लिए सालाना (कपड़े+जूते) एक यथार्थवादी रेंज:
- लो-बजट/सेकंडहैंड-heavy: €180–€300
- मिक्स (कुछ नया, कुछ सेकंडहैंड): €300–€500
- ज़्यादातर नया/ब्रांडेड: €500–€800
अगर आपके घर में “एक बच्चा हर चीज़ घिस देता है” और दूसरा “एक बार पहनकर बोलता है चुभ रहा है” वाला कॉम्बो है, तो आप समझ रहे हैं—औसत नहीं चलता। इसलिए बजट बच्चे-वार बनाइए, बराबर बाँटकर नहीं।
“ग्रोथ स्पर्ट” को इमरजेंसी मत बनने दीजिए: 3-बकेट सिस्टम
मेरे लिए काम करने वाला तरीका:
1) बेसिक बकेट (हर महीने)
यह नियमित पहनने वाली चीज़ों के लिए है: टी-शर्ट, लेगिंग, जॉगर्स, मोज़े, अंडरवियर।
टारगेट: €15–€25/महीना प्रति बच्चा (आपके स्टाइल और स्कूल ड्रेस-कोड पर निर्भर)
2) स्पाइक बकेट (हर महीने थोड़ा)
यह “अचानक” वाली चीज़ों के लिए है: जूते, जैकेट, बारिश का गियर, स्पोर्ट्स शूज़।
टारगेट: €10–€20/महीना प्रति बच्चा
3) सीज़न स्विच (साल में 2 बार)
मार्च/अप्रैल + सितंबर/अक्टूबर में “अब क्या नहीं फिट हो रहा” का हिसाब।
टारगेट: €60–€150 प्रति बच्चा प्रति सीज़न
अहा मोमेंट: जब मैंने “जूते” को बेसिक बकेट से अलग किया, तभी बजट शांत हुआ। जूते अक्सर एक ही बार में €40–€90 ले जाते हैं—और फिर बाकी महीने आप सोचते रह जाते हैं कि टी-शर्ट कहाँ से आएगी।
साइज-चेक रूटीन: 8 मिनट, बहुत बचत
आपको माप-तौल का मेगा प्रोजेक्ट नहीं करना।
- पैंट: टखने पर देखें (कफ/हैम ऊपर उठ रहा है?)
- टी-शर्ट/स्वेटर: कंधा-सीम सही बैठ रही है?
- जूते: अंगूठे के आगे ~1 सेमी स्पेस (बहुत टाइट नहीं, बहुत ढीला नहीं)
- मोज़े/अंडरवियर: यहाँ “ठीक-ठाक” नहीं चलता—असहजता से रोज़ का मूड खराब होता है
फिर दो लिस्ट बनाइए:
- अभी चाहिए (0–2 हफ्ते): जैसे जूते टाइट, जैकेट छोटी
- जल्द चाहिए (1–2 महीने): जैसे पैंट बस-बस, स्पोर्ट्स शॉर्ट्स पतले
क्यों? क्योंकि “जल्द चाहिए” आपको सेल/सेकंडहैंड में खरीदने का समय देता है। “अभी चाहिए” आपको फुल प्राइस पर धकेलता है।
क्या नहीं चला (और क्यों)
- एक साथ बड़ा हॉल: मैंने एक बार “अगले साइज का सब कुछ” खरीद लिया। फिर मौसम बदला, पसंद बदली, और कुछ चीज़ें टैग के साथ अलमारी में पड़ी रहीं।
- बहुत सस्ता जूता: दिखने में ठीक, 2 महीने में शेप खराब—फिर दोबारा खरीदना पड़ा। असल में महंगा पड़ा।
- “ठीक है, एडजस्ट कर लेगा” वाला माइंडसेट: बच्चा रोज़ शिकायत करे तो आप अंत में फिर खरीदते ही हैं—बस तब तक तनाव बढ़ चुका होता है।
घर की “अजीब” पैसे वाली बातचीत: कॉपी-पेस्ट स्क्रिप्ट
जब पार्टनर/को-पैरेंट को लगे कि “इतना खर्च क्यों”:
“बच्चे के कपड़े-जूते हर 2–4 महीने में बदल रहे हैं। मैं चाहती हूँ हम इसे ‘सरप्राइज़’ न बनाएं। क्या हम प्रति बच्चे €30/महीना अलग रख दें और जूतों के लिए अलग लाइन रखें?”
जब बच्चा हर बार ब्रांड मांगे:
“मैं समझती हूँ तुम्हें वही पसंद है। हमारा नियम यह है: पहले फिट और आराम। अगर सेकंडहैंड/सेल में वही मिल गया तो बढ़िया, वरना हम इस रेंज में सबसे अच्छा चुनेंगे।”
जब दादा-दादी/रिश्तेदार उपहार पूछें:
“अगर आप मदद करना चाहें, तो अगली साइज की रेन जैकेट/स्नीकर्स सबसे काम आएंगे। रंग/साइज मैं लिख देती हूँ, ताकि पैसा बेकार न जाए।”
Monee जैसा ट्रैकिंग टच (बस काम की बात)
मेरे लिए गेम-चेंजर “खर्च लिखना” नहीं था—किस पर खर्च हुआ, किस बच्चे पर, और क्या सच में ज़रूरी था यह साफ दिखना था। जब घर में साझा ट्रैकिंग होती है तो “क्या तुमने जूते पेमेंट कर दिए?” वाला नाटक कम होता है, और दोहरी खरीद (दोनों ने अलग-अलग ऑनलाइन कार्ट भर लिया) भी रुकती है।
स्क्रीनशॉट-लायक चेकलिस्ट
- प्रति बच्चा कपड़े+जूते का मासिक मिनी-फंड सेट
- जूतों के लिए अलग बजट लाइन
- साल में 2 बार साइज-चेक वीक कैलेंडर में
- “अभी चाहिए” और “जल्द चाहिए” लिस्ट
- 1 नियम: एक-इन, एक-आउट
- सीज़न स्विच पर पुरानी चीज़ें बेचें/डोनेट/स्टोर
- खरीद से पहले 2 सवाल: फिट? उपयोग कितने महीने?

