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घरेलू सप्लाई (जैसे सफाई का सामान, टॉयलेटरीज़, बुनियादी किचन आइटम) रोज़मर्रा की जरूरत है—और यहीं “छोटे-छोटे” खर्च बड़ी चिढ़ बन सकते हैं। इसलिए पहले अपना मॉडल चुनें। एक ही “सही” तरीका नहीं होता; जो आपके घर में शांति लाए, वही सही है।
मॉडल A: 50/50 + स्प्लिट कैप
किसके लिए: जब दोनों की आय और जीवनशैली लगभग समान हो, और आप सरल नियम चाहते हों।
मॉडल B: नेट आय के अनुपात में (जैसे 60/40) + स्प्लिट कैप
किसके लिए: जब आय में फर्क हो, पर आप दोनों “एक ही स्टैंडर्ड” पर रहना चाहते हों।
मॉडल C: भूमिका-आधारित योगदान + स्प्लिट कैप
किसके लिए: जब एक व्यक्ति घर के अधिक काम/खरीदारी संभालता हो, या जब आय अनियमित हो। इसमें एक “स्टोर-कीपर” रोल और एक “फंड-कीपर” रोल मदद करता है।
नीचे दिए नियम किसी भी मॉडल के साथ काम करेंगे—बस “कैसे बाँटेंगे” वाला हिस्सा (50/50, 60/40, भूमिका) आप चुन लें।
“स्प्लिट कैप” क्या है (और क्यों काम करता है)
स्प्लिट कैप = साझा घरेलू सप्लाई के लिए एक अधिकतम सीमा, जो टेक-होम पे (हाथ में आने वाली आय) के प्रतिशत में तय होती है।
उदाहरण के तौर पर: “हम घरेलू सप्लाई पर कुल मिलाकर टेक-होम का X% तक साझा करेंगे; उसके ऊपर ‘अपग्रेड’ व्यक्तिगत ट्रीट मानी जाएगी।”
यह नियम दो फायदे देता है:
- जरूरी चीजें सुरक्षित रहती हैं (घर चलने वाली चीजें हमेशा कवर होती हैं)
- अपग्रेड पर झगड़ा कम होता है (फैंसी वर्ज़न चाहिये तो वह “पर्सनल ट्रीट” बन जाता है)
Copy‑paste rules (बस X, Y, Z भरें)
1) घरेलू सप्लाई की परिभाषा (क्या “जॉइंट” है)
नियम: “साझा घरेलू सप्लाई” = वे आइटम जो दोनों उपयोग करते हैं और घर चलाते हैं:
- सफाई: डिश लिक्विड/टैबलेट, स्पॉन्ज, फ्लोर क्लीनर, डिटर्जेंट
- बाथ: टॉयलेट पेपर, हैंडवॉश, बेसिक बिन बैग
- किचन बेसिक्स: नमक/तेल जैसी आधार चीजें (आप चाहें तो इसे ग्रॉसरी से अलग रखें)
नियम: “पर्सनल ट्रीट” = वह जो व्यक्तिगत पसंद/ब्रांड/एक्स्ट्रा सुविधा के लिए है:
- स्पेशल स्किनकेयर, प्रीमियम कॉफी, खास स्नैक्स, अपनी पसंद का शैम्पू
2) योगदान का नियम (एक चुनें)
विकल्प 1 (सरल): “हम घरेलू सप्लाई का फंड 50/50 भरेंगे।”
विकल्प 2 (फेयर-फील): “हम नेट आय के अनुपात में भरेंगे: /।”
विकल्प 3 (रोल): “एक व्यक्ति फंड में ___% डालेगा, दूसरा ___%; और खरीदारी की जिम्मेदारी बारी-बारी/स्थायी होगी।”
3) स्प्लिट कैप (सीमा) का नियम
नियम: “घरेलू सप्लाई का साझा कैप = हमारी संयुक्त टेक‑होम का ___%।”
नियम: “कैप के भीतर वाले आइटम जॉइंट फंड से; कैप के ऊपर जो ‘अपग्रेड’ होगा, वह अपग्रेड चाहने वाला अपने पैसे से देगा।”
4) “अपग्रेड” की साफ परिभाषा
नियम: “बेसलाइन” = मध्यम/नॉर्मल क्वालिटी जो दोनों को ठीक लगे।
नियम: “अपग्रेड” = बेसलाइन से अधिक महंगा/विशेष विकल्प, जब दूसरा व्यक्ति उसी अपग्रेड को जरूरी न माने।
नियम: “अपग्रेड चाहने वाला ‘बेसलाइन’ के बराबर हिस्सा जॉइंट से ले सकता है; बाकी खुद देगा।”
5) खरीदारी का तरीका (पुलिसिंग नहीं, सिस्टम)
नियम: “हम एक साझा शॉपिंग लिस्ट रखेंगे—जो खत्म हो, वही लिखेंगे।”
नियम: “एक ‘स्टोर‑कीपर’ तय होगा जो स्टॉक देखेगा; दूसरा ‘फंड‑कीपर’ कैप ट्रैक करेगा।”
नियम: “हम एक दूसरे की खरीदारी पर सवाल नहीं करेंगे जब तक वह ‘परिभाषा’ और ‘कैप’ के अंदर है।”
किराया, ग्रॉसरी, ट्रैवल फंड: 3 छोटे नियम (एडाप्ट करने योग्य)
Rent split (कॉपी‑पेस्ट)
- “किराया/यूटिलिटीज = जॉइंट एसेंशियल; हम इसे / अनुपात में बांटेंगे।”
- “अगर किसी का आय-परिवर्तन हो, तभी हम अनुपात दोबारा सेट करेंगे।”
Groceries split (कॉपी‑पेस्ट)
- “ग्रॉसरी = सप्ताह/महीने का आवश्यक भोजन; हम इसे / में बांटेंगे।”
- “व्यक्तिगत स्नैक्स/डाइट‑स्पेसिफिक चीजें पर्सनल होंगी, जब तक दोनों साझा न चाहें।”
Travel fund (कॉपी‑पेस्ट)
- “ट्रैवल फंड = टेक‑होम का ___% (या तय अनुपात) जॉइंट।”
- “अपग्रेड (बेहतर सीट/होटल) चाहने वाला अपना अपग्रेड खुद कवर करेगा।”
बातचीत के छोटे prompts (एक बैठक में तय करने के लिए)
- “हमारे लिए ‘बेसलाइन’ क्वालिटी क्या है, ताकि घर आराम से चले?”
- “कौन‑सी 3 चीजें हैं जो दोनों के लिए नॉन‑नेगोशिएबल हैं?”
- “किस हालात में कोई चीज ‘अपग्रेड’ मानी जाएगी?”
- “अगर कैप बार‑बार टच हो रहा है, क्या हम परिभाषा बदलेंगे या कैप?”
2–3 fairness options (जब आप अटकें)
- आय-अनुपात मॉडल: तनाव कम, क्योंकि योगदान क्षमता के हिसाब से होता है।
- टाइम/मेहनत क्रेडिट: जो अधिक खरीदारी/मैनेजमेंट करे, उसकी मेहनत को मान्यता—दूसरा थोड़ा अधिक फंड करे।
- मिश्रित मॉडल: कैप तक 50/50, और कैप के ऊपर आय-अनुपात—ताकि बेसिक बराबर रहे, और अतिरिक्त “फेयर” लगे।
If this feels hard, start here
“घरेलू सप्लाई का एक साझा कैप तय करें (टेक‑होम का छोटा सा %), कैप के भीतर सब जॉइंट, और जो भी अपग्रेड चाहता है वह बेसलाइन से ऊपर वाला हिस्सा खुद देता है।”

